RSS Full Form जानिए आरएसएस क्या है? RSS Meaning In Hindi

RSS एक ही शोर्ट शब्द के बहुत से मतलब है। यहाँ पर आज हम RSS Full Form Rashtriya Swayamsevak Sangh यानि के  RSS party full form के बारे में जानेंगे। और आरएसएस के बारे में थोडा विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। आज हम इस शब्द के 2 मतलब के बारे में बात करेंगे और उन दोनों के बारे में जानेंगे की वह क्या है।

आरएसएस  का फुल फॉर्म RSS Full Form

यहाँ पर दोस्तों RSS शब्द के दो मतलब है। जो की निचे दिए गए है। दोनों ही के फुल फॉर्म बहुत अलग अलग है परन्तु शोर्ट फॉर्म समान ही है।

RSS = Really Simple Syndication

नोट :- अगर आप अगर आप RSS Full Form In Computer के बारे में जानना चाहते हो तो दिए गये लिंक पर क्लिक करें

RSS = Rashtriya Swayamsevak Sangh

तो इस लेख में RSS Ka Full Form Rashtriya Swayamsevak Sangh के बारे में जानने वाले है। यह एक स्वयंसेवी संस्था है। जिसका मुख्य कार्य समाज की सेवा करना है, समाजिक हितो के लिए कार्य करना है।

RSS Full Form

अगर आप RSS शब्द के दुसरे फुल फॉर्म यानि  के RSS full form in computer के बारे में जानना चाहते तो इसके लिए निचे लिंक दिया गया है। RSS का फुल फॉर्म कंप्यूटर का मतलब RSS = Really Simple Syndication होता है अगर इसके बारे में जानना चाहते हो तो दिए हुए लिंक पर क्लिक करके इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हो।

RSS का मतलब RSS Meaning In Hindi

आरएसएस का मतलब एक भारतीय स्वयंसेवी संस्था से  है। जो की विश्व की सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। आरएसएस एक स्वयंसेवी मंच है। जिसका मुख्य उद्देश्य समाजिक, आर्थिक, पर्यावरण और नागरिक तथा अन्य चुनौतियों का समाधान करना है।

तथा लोगो की सहायता करना है। इसके द्वारा किये गये कार्यो में स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, पर्यावरण ग्रामीण विकास गौ रक्षा सांस्कृतिक और साहित्यिक विकास आदि सम्मिलित है।

यह इस सभी कार्यों के लिए नई योजना का निर्माण करता है तथा उन्हें लागु करवाने के लिए प्रयास करता है। इसने द्वारा देश के हित के लिए और भी बहुत से प्रकार के कार्य किये जाते है।

आरएसएस  क्या है What is RSS

आरएसएस RSS भारतीय स्वयंसेवी संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य हिन्दू संस्कृति की रक्षा करना है जिसके अंतर्गत इनके द्वारा हिन्दू समाज को मजबूत बनाने के लिए प्रयास किया जाता है, तथा लोगो के हित के लिए समय समय पर विभिन्न तरह के समाजिक हित के कार्यो को किया जाता है।

इसके द्वारा भारत को एक समृध्दशाली सनातन संकृतिक मूल्यों के संवर्धन का प्रयास किया जाता है। आरएसएस ने हमेशा ही समाज में फैली वर्ग भेद, उंच नीच, भेदभाव ,जाती भेद का विरोध किया है। इसके लिए इनके द्वारा अनेको प्रयास किये गये है ।

आपदा में समय में आरएसएस के द्वारा बहुत ही बड़े स्तर पर लोगो को सहायता प्रदान की जाती है। अगर आप इसमें join होना चाहते हो या फिर इसके बारे में अधिक से अधिक जानने के लिए rss.org पर जाएँ।

आरएसएस  की स्थापना (RSS Ki Sthapna)

आरएसएस (RSS) की स्थापना 27 September 1925 को नागपुर (महाराष्ट्र) में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (Dr. Keshav Baliram Hedgewar) के द्वारा  विजयदशमी के दिन की गई थी।

तब इसका उद्देश्य सिर्फ हिन्दू समाज को मजबूत बनाना था। परन्तु आज इसके द्वारा सामाजिक हित के लिए बहुत से कार्य किये जाते है। केशव बलिराम हेडगेवार एक डॉक्टर थे, फिर भी उन्होंने खुद को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिए।

आरएसएस  का इतिहास (RSS History)

RSS की स्थापना 27 September 1925 को नागपुर हुई थी। इसकी स्थापना Dr. Keshav Baliram Hedgewar के द्वारा की गई थी। तब से ही इसका मुख्यालय मध्य भारत के नागपुर में ही है।

1975 के बाद से इस संगठन का राजनैतिक मबत्व बढ़ता गया और फिर इसे भाजपा कांग्रेस जैसे राजनैतिक दल के रूप में जाना जाने लगा। इसको आमतौर पर राजनैतिक शाखा के रूप में देखा जाता है। आरएसएस पर पहले कुछ विवादों के कारण प्रतिबंध भी लगा है जिसके बारे में हम निचे जानेंगे।

Rashtriya Swayamsevak Sangh App

RSS आरएसएस = राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के सदस्य पुरे भारत में फैले हुए है। इन्होने अपने कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए एक वेबसाइट और एक app भी बनाया है जहाँ से आप इनके द्वारा किये गये कार्यों को और आरएसएस में शामिल होने के बारे में भी जान सकते हो।

आप इनकी वेबसाइट और app से इनके बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते है जैसे की इनका उद्देश्य, इनके द्वारा किये जा रहे कार्य,

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल कैसे हो ?

अगर आप भी आरएसएस join करना चाहते हो तो इसके लिए आपको Join RSS 

इस लिंक पर जाना होगा और वहां पर जो फॉर्म मिलेगा उसको अच्छी तरह से भरकर सबमिट करना होगा उसके बाद आपकी आरएसएस में Joining की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इन्हें भी जाने :-

WWWW Full Form

BGMI Kya hai? – जानिए BGMI Full Form 

आरएसएस विवादों RSS Controversies

कभी कभी इसकी एक अर्धसैनिक संगठन के रूप में आलोचना की गई है। ब्रिटिश शासन और आजादी के बाद आरएसएस अब तक 3 बार विवादों में भी आया है। यहाँ तक की इसे प्रतिबंधित भी किया गया था। आरएसएस लोगो के हितों के लिए कार्य करती है। यह एक स्वयंसेवी संघ है। परन्तु यह बहुत बार लोगो के हित के लिए विवादों में भी आया है।

  • First पहली बार इसको सन 1948 में प्रतिबंधित किया गया था, जब आरएसएस के एक पूर्व सदस्य नाथू राम गोडसे ने महात्मा गाँधी जी की हत्या कर दी थी।
  • Second दूसरी बार आपातकाल के समय में सन (1977 से 77) में आरएसएस को प्रतिबन्ध कर दिया गया था। इस समय देश में आपातकालीन स्थिति थी जिसका आरएसएस और सिखों के द्वारा  विरोध किया था इस समय आरएसएस संगठन को विपक्ष के नेताओ के करीबी है ऐसा माना गया था इसलिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था।
  • Third और तीसरी बार 6 दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद को अवैध रूप से RSS और VHP ने विध्वंस करने के बाद में, आरएसएस को प्रतिबन्ध कर दिया गया था।

तो दोस्तों आज के लेख में आपको RSS Meaning और RSS Full Form और आरएसएस के इतिहास के बारे जाना है। यह जानकारी इन्टरनेट के सौर्स पर आधारित है। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी लो या फिर इससे संबंधित कोई भी सवाल को तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हो।

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